गुरुवार, 3 जून 2021

आज के समाचार

 


टीकाकरण अभियान 

डाॅ महेश चंद्र शर्मा जी (संसद सदस्य नोएडा) ने  कोरोना टीकारण अभियान के अंतर्गत आज सेक्टर-100, नोएडा के स्वास्थ केंद्र पर 'नोएडा लोक मंच' एन जी ओ के सहयोग द्वारा आयोजित वैक्सीनेसन कैम्प का उद्घाटन किया। इस दौरान टीकाकरण हेतु पंहुचे लोगों का उत्साह बढ़ाया।

टीकाकारण कराएं,सुरक्षित रहें।

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सीबीएसई ने 12 वीं की परीक्षा रद्द की।

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं पर फैसला विद्यार्थियों के हित में लिया गया है-

हमारे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस पहलू पर कोई भी समझौता नहीं होगा:

विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भारी चिंता व्‍याप्‍त, जिसे अवश्‍य ही दूर किया जाना चाहिए,इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति में विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए,सभी हितधारकों को विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है,प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अधिकारियों ने अब तक हुए व्यापक परामर्श के साथ-साथ राज्य सरकारों सहित सभी हितधारकों से प्राप्त विचारों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।कोविड के कारण उत्‍पन्‍न अनिश्चित परिस्थितियों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त राय एवं सुझावों को ध्‍यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। यह भी निर्णय लिया गया कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के परिणामों को समयबद्ध तरीके से एक पूर्णत: स्‍पष्‍ट उद्देश्यपरक मानदंड के अनुसार संकलित करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं पर फैसला विद्यार्थियों के हित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने अकादमिक कैलेंडर को काफी प्रभावित किया है और बोर्ड परीक्षाओं का मुद्दा विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच अत्यधिक चिंता उत्‍पन्‍न करता रहा है, जिसे अवश्‍य ही समाप्त किया जाना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में कोविड से जुड़ी स्थिति निरंतर बदल रही है। वैसे तो कोविड के मामले घट रहे हैं और कुछ राज्य प्रभावकारी सूक्ष्म-कंटेनमेंट के माध्यम से महामारी से निपट रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों ने अब भी लॉकडाउन का विकल्प चुना है। इस तरह की स्थिति में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति में विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का अत्यधिक महत्त्व है और इस पहलू पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह की परीक्षाएं हमारे युवाओं को जोखिम में डालने का कारण नहीं बन सकती हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों को विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परिणाम पूर्णत: स्‍पष्‍ट मानदंडों के अनुसार निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से तैयार किए जाएं।प्रधानमंत्री ने व्यापक परामर्श प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए इस बात की सराहना की कि भारत के कोने-कोने से सभी हितधारकों से परामर्श करने के बाद ही विद्यार्थी हितैषी निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर राय एवं सुझाव देने के लिए राज्यों का भी धन्यवाद किया।यह भी निर्णय लिया गया कि पिछले साल की तरह ही यदि कुछ विद्यार्थी परीक्षा में बैठने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।  माननीय प्रधानमंत्री ने इससे पहले 21.05.2021 को एक उच्चस्तरीय बैठक की थी जिसमें मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया था। इसके बाद 23.05.2021 को केंद्रीय रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी जिसमें राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने भाग लिया था।  बैठक में सीबीएसई की परीक्षाएं कराने के बारे में विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की गई थी और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से राय एवं सुझाव प्राप्त हुए थे।आज की बैठक में गृह, रक्षा, वित्त, वाणिज्य, सूचना एवं प्रसारण, पेट्रोलियम और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव और स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभागों के सचिव और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।







 श्री मुनीश गौड़ , संयुक्त श्रमायुक्त , दिल्ली सरकार* 32 वर्ष के बाद फिर *VOICE नाम से रजिस्टर्ड ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष* के माध्यम से श्रमिक वर्ग के बीच में पहुँचें ।

ये कहानी है अभी हाल में संयुक्त श्रमायुक्त के पद से सेवानिवृत्त श्रीमान मुनीश कुमार गौड़ की है । वह तीन दशक श्रमिकों के बीच कार्य के बाद उन्होंने इस कोविड़ काल की दूसरी लहर में घर से बाहर निकल फिर बेरोज़गार मज़दूरों का साथ देने की ठानी है !

इन दिनों आप उनको कभी फ़्लाई ओवर के नीचे बसे ग़रीब परिवार , सफदरज़ंग व एम्स अस्पताल तो कभी दिल्ली की यूनियनों के माध्यम से बेरोज़गार दैनिक वेतन भोगी के बीच पाएगें!  

वे स्वयं व अपने परिवार की आय में से ग़रीब मज़दूरों के लिए पका हुआ भोजन तो कभी कच्चा राशन लेकर उनके दर्द को सहलाते मिलेंगे। 

आज उनको *समय पुर बादली मैट्रो स्टेशन* के समक्ष झुग्गी बस्ती में यूनियन के माध्यम से चिन्हित उन बेरोज़गार मज़दूरों में कच्चा राशन बाटने पहुँचे जहाँ अभी तक सरकार द्वारा राशन नहीं पहुँचा है और कई परिवारों के तो राशन कार्ड भी नहीं बने हैं।

उनका कहना है कि वे जीवन पर्यन्त मज़दूरों के बीच ही कार्य करेंगे। *इस समय वे दिल्ली हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में मज़दूर वर्ग के लिए श्रमिक क़ानूनों के अनुपालन के लिए निःशुल्क कार्य करने की इच्छा पूर्ति के लिए दिल्ली की यूनियनों को एकजुट कर क़ानूनी सलाह भी दे रहें हैं* !

सेवा समर्पण सप्ताह,सेवा हीं संगठन  


सुरक्षा,सेवा,संगठन,सुशासन,विकास,अंत्योदय को समर्पित श्री नरेंद्र मोदी सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा ही संगठन के तहत आज मुनिरका गांव में मास्क वितरित किये, खासकर जिन लोगों ने मास्क नहीं लगाया था उन्हें मास्क लगाया और मास्क की उपयोगिता से सबको अवगत कराया। 

इस अवसर पर मेरे साथ मुनिरका मण्डल के अध्यक्ष श्री हरी सिंह जी, मुनिरका मण्डल के महामंत्री श्री अमित शर्मा जी, पूर्व जिला मंत्री (युवा मोर्चा) श्री अजय भारद्वाज जी तथा मुनिरका मण्डल के मंत्री श्री मुकेश प्रजापति जी उपस्थित रहे।


नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की लोकप्रिय साँसद दीदी मीनाक्षी लेखी जी के मार्गदर्शन व पूर्व  विधायक श्री अनिल शर्मा जी के निर्देश पर आज पूरी विधानसभा में लगभग प्रत्येक बूथ पर कुछ ना कुछ बांटा गया।

भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता पूरी निष्ठा व लगन के साथ जन हित्त के कार्यों में सदैव तत्पर रहता है।



मंगलवार, 1 जून 2021

करें योग रहे निरोग



  करें योग रहें निरोग

यौगिक उपचार व चिकित्सा,षट्कर्म अभ्यास से बैक्टिरिया व अपद्रव्य पदार्थों का निष्कासन,योगासन से रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास,प्राणायाम अभ्यास से फेफड़ों का बचाव,ध्यान के अभ्यास से बढ़ते तनाव व अस्थिरता पर रोक |

योग विज्ञान भी एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति होने के साथ-साथ स्वास्थ्य की चिकित्सा का शास्त्र है जिसके आध्यात्मिक व मानसिक लाभ के साथ शारीरिक लाभ प्रत्यक्ष रूप से विद्यमान् हैं।

यौगिक उपचार व चिकित्सा 

योग विज्ञान अत्यंत ही पौराणिक विज्ञान है जिसे आध्यात्मिक लक्ष्य की पूर्ति हेतु अपनाया जाता रहा है,परंतु आज के समय में जब मनुष्य रोगों से ग्रसित हो चुका है तो ऐसे में योग एक स्वस्थ जीवनशैली के आधार के रूप में अपनाया जाता है। प्रत्येक बीमारी का निवारण इस विज्ञान में व्याप्त है। समय समय पर सामान्य जन की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि,शरीर में ऊर्जा के संतुलन, तनाव व भय के निवारण और शरीर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के साथ साथ शरीर में जमें बैक्टिरिया एवं अपद्रव्य पदार्थों का निष्कासन भी योग से संभव है। योग के कुछ अभ्यास जैसे षट्कर्म,योगासन,प्राणायाम व ध्यान द्वारा इस समस्या के प्रत्येक लक्षणों को कम करके यौगिक उपचार किया जा सकता है।

षट्कर्म अभ्यास से बैक्टिरिया व अपद्रव्य पदार्थों का निष्कासन

शरीर में जमे अपद्रव्य पदार्थों व बैक्टिरिया के इकट्ठा होने से शरीर पूर्ण रूप से आंतरिक शुद्धि को प्राप्त नहीं कर पता है। ऐसी स्थिति में शरीर अंदर से कमजोर पड़ता है,जो परिणाम स्वरूप रोगों को जन्म देने का कारण बनता है।इसमें षट्कर्म के कुछ अभ्यास करे तो इससे लाभ प्राप्त किया जा सकता है। षट्कर्म के अंतर्गत वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जल नेती,सूत्र नेती और कुंजल का अभ्यास अत्यंत लाभकारी है जिसे किसी अनुभवी योगशिक्षक के अंतर्गत सीख कर अभ्यास किया जा सकता है। षट्कर्म द्वारा शरीर के अपद्रव्य पदार्थों का निष्कासन होगा और विशेष रूप से गले व पेट संबंधी समस्या में लाभ प्राप्त होगा। 

योगासन से रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास

शरीर के भीतर विद्यमान् रोग प्रतिरोधक क्षमता है। ऐसे में शरीर के केन्द्रीय तत्वों तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता का पूर्णतः विकास करने में योगासन अत्यंत लाभप्रद  है। योगासनों के अभ्यास के अंतर्गत सर्वप्रथम सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास किया जाए जिससे शरीर में स्कंदन व थक्के(अंग्रेज़ी में क्लाटिंग) इत्यादि की आंतरिक समस्या। यौगिक सूक्ष्म व्यायाम से नाड़ियों में जो वात पित्त कफ, मज्जा-मेदादी अनुपयुक्त पदार्थों का संग्रह होता है उसकी निवृत्ति होती है। इसके अलावा कुछ आसनों का अभ्यास जैसे भुजंगासन,विपरीतकरणी,नौकासन,धनुरासन व सूर्य नमस्कार का अभ्यास भी करना चाहिए।

प्राणायाम अभ्यास से फेफड़ों का बचाव

प्राणायाम के अभ्यास से वर्तमान संक्रमण को फेफड़ों तक पहुँचने से यथासंभव रोका जा सकता है। इस महामारी में संक्रमण तेज़ी से फेफड़ों तक पहुँचाता है और हमारे शरीर में आक्सीजन की कमी को पैदा करता है। ऐसे में कुछ सामान्य प्राणायाम अभ्यास से हम अपने फेफड़ों को संक्रमण से बचा सकते है। इसके लिए उदरीय श्वास-प्रश्वास, वक्ष श्वास-प्रश्वास और अनुलोम विलोम प्राणायाम का अभ्यास किया जाए तो शरीर में आक्सीजन की कमी नहीं होगी और फेफड़ों का आंतरिक विस्तार अच्छा होगा। इन अभ्यासों से फेफड़ों में जो कार्बन डाइऑक्साइड ज़्यादा है वो बाहर निकलेगा व इससे शरीर का रक्त भी साफ़ होगा। 

ध्यान के अभ्यास से बढ़ते तनाव व अस्थिरता पर रोक

आज के समय में भागम भाग जिंदगी मे जो तनाव व अवसाद को शीघ्र जन्म देता है। संक्रमण के होने से भविष्य के प्रति चिंता व भय का वातावरण उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में प्रतिदिन ध्यान का अभ्यास किया जाए तो निस्संदेह मन-मस्तिष्क में संतुलन बना रहेगा और तनाव व भय से लड़ने की सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में तनाव और भय से मुक्त होने का उपाय केवल योग में है क्योंकि योग के अंतर्गत ध्यान की किसी भी विधि को अपनाकर हम अपने मन-मस्तिष्क पर संतुलन स्थापित कर सकते है।

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वर वधू के लिए निम्नलिखित फार्म भरे ।

Fill the following form for the bride and groom।

https://docs.google.com/forms/d/1v4vSBtlzpdB3-6idTkD1qoUZ6YkZIqEv8HAAeOJyPRI/edit


हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा

   हरियाणा के हिसार ( वीर बरबरान ) मे एक पीपल का पेड़ है जिसको वीर बर्बरीक ने श्री कृष्ण भगवान के कहने पर अपने वाणों से छेदन किया था !  आज भ...